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Tally Notes In Hindi-टैली क्या है (What is Tally) | | Computer Hindi Notes

Tally Notes In Hindi
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Tally Notes In Hindi-टैली क्या है (What is Tally) | | Computer Hindi Notes for Competitive Exam

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हमारे जीवन मे अंकाउंट का काफी महत्त्व है। व्यवसाय में रिकार्ड को तैयार करना व उसे मेंटेन रखने के लिऐ, सरकारी कार्यलयों में विभिन्न खाते तैयार करने और व्यवसायियों के लिऐ यह काफी आवश्यक है। अकाउंटिंग प्रत्येक व्यक्ति के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है जितना धन.

टैली का अर्थ रुपयो कि अकाउंटिंग करना गिनना व्यवस्थापन व रिकार्ड रखना है।माल कहा गया कहा से आया किस चीज़  पर व्यय हुआ आज कितना व्यय हुआ ।कितना माल  निकाला किसने निकाला ये सब कार्य  टैली के अन्तर्गत आते है।

Tally एक अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर हैं, जो Tally Solutions Pvt. Ltd एक बहुराष्ट्रीय भारतीय कम्पनी द्वारा निर्मित कंप्यूटर सॉफ्टवेयर हैं सामान्य बोलचाल में tally को अकाउंटिंग से ही जोड़कर देखा जाता हैं, अपने व्यापार में किसी कम्पनी के वितीय लेन-देन (इनकम/खर्चे) को लिखकर रखना ही एकाउंटिंग हैं। पहले के जमाने में इसे बहियों में हाथ से लिखकर रखा जाता हैं, समय के बदलाव के साथ ही,  कम्पनी के अकाउंट को मेंटेन करने के लिए आज कंप्यूटर का उपयोग किया जाता हैं।

कंप्यूटर में जब एकाउंटिंग की बात आती हैं, तो एक ही सॉफ्टवेयर जेहन में आता हैं वो हैं टैली । व्यवसायिक व्यवहार और खातों को कंप्यूटर में सहेज कर रखने वाली टैली  प्रदाता कम्पनी का मुख्य कार्यालय बेंगलोर में हैं । भारत के अलावा कई अन्य देशों में यह टैली  सॉफ्टवेयर बेहद प्रचलित हैं, बिजनेस मैनेजमेंट में टैली  सबसे महत्वपूर्ण पहलु हैं।

पुस्तको रजिस्टर डायरी मे हम स्केल पेन्सिल से लाइने खीच -खीच  कर काॅलम बनाकर सब कुछ व्यवस्थित करते है और साथ मे गिनती के लिऐ केलकुलेटर भी रखते है।इस सब के बजाय कम्पयूटर पर एक साॅफ्टवेयर मिल जाता है जिस पर बिना  परेशानी के काॅलम बनाना ग्राफ चेक करना एकाउंटिंग करना ,रिकॉर्ड रखना सब आसानी से किया जा सकता है बस यही टैली है।

जैसे कंम्पनी के कर्मचारियों के भुगतान,कंपनी के साधनो पर आय व्यय,बैंक के विभिन्न खाते,लेन – देन रिकोर्ड ये सब टैली के काम है।
बिजनेस के प्रकारो के विस्तार के साथ टैली का विकास व उपयोग भी अलग- अलग और आसानी से हो रहा है।

टैली भारत और विदेशों में सर्वाधिक लोकप्रिय फाइनेंशियल अकाउंटिंग साँफ्टवेयर है। अपने आसान उपयोग, सरलता, यूजर अनुकूलता और विश्वसनीयता की वजह से ही इसने चार्टर्ड अकाउंटेंट्रस, अॅाडिटर्स एवं अन्य वित्तीय संस्थानों के मध्य ख्याति अर्जित की है। छोटे व्यवसाय से लेकर वृहद प्रतिष्ठान तक लगभग प्रत्येक कम्पनी द्वारा अपने लेखांकन प्रयोजन हेतु टैली का प्रयोग किया जा रहा है। वे कंप्यूटर का उपयोग जानने वाले और टैली में प्रशिक्षित कर्मचारी चाहते हैँ। पारंपरिक बही खाता लेखन विधियों को पूरी तरह से टैली के साथ प्रतिस्थापित किया जा चुका है।

टैली का प्रारंभिक रिलीज Tally 4.5 version था । इस Dos आधारित Software को 1990 के दशक के प्रारंभ में जारी किया गया था। यह बुनियादी वित्तीय लेखांकन उपकरण था। उन दिनों पर्सनल कंप्यूटर्स भारत में लोकप्रियता अर्जित कर रहे थे। Peutronics  (टैली को विकसित करने वाली कम्पनी) ने इस सुअवसर का लाभ उठाया और बाजार में अपना टैली 4.5 Version प्रस्तुत कर दिया। मोटी-मोटी जिल्द की गई बहियों की भारी-कम मात्रा को हिसाब-किताब हेतु प्रयुक्त करने वाले लेखा परीक्षक और अकाउंटेंट्स कुछ ही पलों के भीतर बैलेंस शीट्स एवं लाभ-हानि खातों की गणना करने की टैली की क्षमता देखकर हैरान रह गए। इतना सब कुछ करने के लिए हमें मात्र लेजर्स निर्मित करना और वाउचर्स में एंट्री करनी  होती हैं। शेष कार्य टैली करता है। वह हमारे लिए सभी स्टेटमेंट्स, ट्रायल बैलेंस और बैलेंस शीट बना देगा।
टैली के आगे चलकर Tally 5.4, Tally 6.3, Tally 7.2 Tally 8.1  और Tally 9.0 version जारी किये गए। इन संस्करणों  के अंतर्गत कंपनी के स्टॉक प्रबंधन हेतु प्रयुक्त होने वाली इनवेंटरी, कर्मवारियों की वेतन गणना एवं मजदूरी भुगतानों के लिए प्रयुक्त होने वाले पेरोल हेतु समर्थन और हिन्दी, तमिल, तेलगु, कन्नड, मलयालम, गुजराती, मराठी व अन्य बहुत सी भारतीय भाषाओं के लिए बहुभाषी  समर्थन सम्मिलित किया गया है।

 

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Tally Notes In Hindi

Tally Silver – यह Tally Single User होती है इस Tally में एक समय में एक ही user काम कर सकता है इसके । लिए किसी भी Networking की आवश्यकता नहीं होती हैं ।

Tally Gold – यह Tally Multi user होती है इस Tally में एक समय में दो या दो से ज्यादा user एक साथ काम कर सकते है इस Tally को चलाने के लिये ( Local Area Network ) की आवश्यकता होती है ।

Tally दो Mode में चलती हैं ।

  • Educational Mode
  • Professional Mode

Educational Mode – इस Tally में 1 , 2 , 31 तारीख ही काम ली जाती हैं उसके अलावा अन्य किसी भी Date में इस Mode में Entry नहीं की जाती हैं । इसे हर साल Upload नहीं करना होता हैं ।

Professional Mode – इस Tally का Use Business Perpose के लिये किया जाता हैं इस Tally में Machine की सभी Date को काम में लिया जा सकता हैं । यह Tally Licencess Validity के बाद Expire हो जाती हैं । यह Tally को हर बार Upload करना पड़ता हैं ।

Tally Screen

Tally screen को चार भागों में Divide किया गया हैं ।

Tool Bar :- टूल बार में Tally का जैसे Printf , E – Mail , Expert , Upload , Keyboard , Language , Help Etc. टूल होते हैं ।

Work Area :- यह Tally का वह Area होता है , जहाँ पर Accounting का सम्पूर्ण कार्य किया जाता है । Work Area के लिये ( Ctrl + M ) press करते हैं ।

Calculator :- Calculator में जाने के लिये ( Ctrl + N ) press करते है । जहाँ पर हम कोई भी Calculator सम्बन्धी कार्य कर सकते है ।

Button Bar :- यह Tally में Right Side की तरफ होती है । यहाँ जो जो Option हमने Activate कर रखे है , उन Features को Show करती है कि उन Features को Use में लेने में कौनसी Key Press करनी है ।

टैली

टैली एक एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर हैं जो अन्य सॉफ्टवेयर की तरह यूजर द्वारा ही ऑपरेट किया जाता हैं । यह एक ऑटो कम्प्यूटेशन सॉफ्टवेयर हैं । इसमें यूजर्स को मुख्यतः तीन कार्य करने होते हैं ।

* कम्पनी बनाना
* लेजर बनाना
* वाउचर एंट्री करना

जब आप पहली बार किसी फर्म के एकाउंटस को टैली में मैनेज करना चाहते हैं , तो सबसे पहले उस फर्म के नाम से कम्पनी तैयार करनी होगी । यह कम्पनी टैली में कार्य की शुरूआत करने से पहले बनाई जाती हैं ।

Create Company – टैली में कम्पनी बनाने के लिए कम्पनी इन्फों मैन्यू ( Alt + F3 ) या ( Alt + F1 ) मे जाकर Create Company विकल्प चुनें ।

Directory – यह फील्ड पहले से ही भरा हुआ होता हैं इस फील्ड में टैली का वह पाथ होता हैं , जहाँ टैली सॉफ्टवेयर लोड होता हैं । कर्सर इस फील्ड को छोड़ देता हैं और बनाई जाने वाली कम्पनी स्वतः ही इस डायरेक्ट्री में स्टोर हो जाती हैं ।

Name – इस फील्ड में वह नाम एंटर करें , जिस नाम से कम्पनी बनाना चाहते हैं ।

Mailing Name – इस फील्ड में कम्पनी का मेलिंग नेम एंटर करें । सामान्यतः कम्पनी का नाम ही मैलिंग नेम होता है |

Address – इस फील्ड में कम्पनी का पूरा पता एंटर किया जाता हैं ।

Statutory Compliance For – इस फील्ड में वह देश का नाम एंटर किया जाता हैं जिस देश में कम्पनी स्थापित है |

State – इस फील्ड में उस राज्य को एंटर किया जाता हैं जिस राज्य में आपका कारोबार स्थापित हैं ।

Pin Code – इस फील्ड में उस स्थान का पिन कोड एंटर करें , जहाँ कम्पनी स्थापित हैं ।

Telephone Number – इस फील्ड में कम्पनी का टेलीफोन नम्बर एंटर करें ।

E-mail Address – इस फील्ड में कम्पनी का ई – मेल एड्रेस एंटर करें ।

Maintain – यदि आप कम्पनी में केवल एकाउंट्स से सम्बंधित ही कार्य करना चाहते हो , तो Accounts Only ऑप्शन सलेक्ट करें । यदि आप एकाउंट्स के साथ साथ स्टॉक भी मैनेज करना चाहते हों , तो Accounts With Inventory सलेक्ट करें ।

Financial Year From – इस फील्ड में वित्तीय वर्ष शुरू होने की तिथी एंटर करें ( 01 – Apr – . . . . . . )

Books Beginning From – इस फील्ड में बुक्स ऑफ एकाउंट्स शुरू करने की तिथी एंटर करें ।

Security Control – यदि आप कम्पनी पर सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय करना चाहते हैं , तो इस ऑप्शन को यस करें और इसे यस करने के बाद इसमें यूजर नेम और पासवर्ड एंटर करें ।

Company Creation Screen में सभी सूचनायें को एंटर करने के बाद कम्पनी को सेव कर दें या ( Ctrl + A ) Press करें ।

कम्पनी सलेक्ट करना

Gateway of Tally ⇨ F1 ( Select Company )

या

Gateway of Tally ⇨ Alt + F1 ( Select Company )

या

Gateway of Tally ⇨ Alt + F3 ( Select Company )

कम्पनी में सशोधन करना

यदि आप पहले से बनाई हुई कम्पनी में किसी प्रकार का परिवर्तन करना चाहते हैं , तो गेटवे ऑफ टैली से F1 कुंजी दबाकर वह कम्पनी सलेक्ट करें , जिसमें आप परिवर्तन करना चाहते हों । कम्पनी सलेक्ट करने के बाद Alt + F3 कुंजी दबाए , जिससे कम्पनी इन्फों मैन्यू प्रदर्शित होगा । यहाँ से ऑल्टर ऑप्शन सलेक्ट करें । इससे कम्पनी ऑल्टरेशन स्क्रीन प्रदर्शित होगी । आप इसमें परिवर्तन करने के बाद इसे सेव कर दें ।

Gateway of Tally ⇨ Press F1 ( Select the Company ) ⇨ Alt + F3 ⇨ Alter ⇨ Select company

कम्पनी हटाना

किसी भी कम्पनी को डिलीट करने के लिए पहले उस कम्पनी को सलेक्ट करें । फिर Alt + F3 कुंजी दबाकर कम्पनी इन्फों मैन्यू से Alter ऑप्शन सलेक्ट करें । जिस कम्पनी को डिलीट करना चाहते हैं उसे सलेक्ट करें और सलेक्ट करने के बाद उसे Alt + D कुंजी का प्रयोग करें । जिससे सलेक्ट की हुई कम्पनी डिलीट हो जायेगी ।

Gateway of Tally ⇨ Press F1 ( Select the Company ) ⇨ Alt + F3 ⇨ Alter ⇨ Select company ⇨ Alt + D

Accounts Group

एकाउंट्स ग्रुप एकाउंट्स इन्फों मैन्यू में प्रदर्शित होते हैं । जहाँ से एकाउंट्स ग्रुप को मैनेज किया जाता हैं । टैली स्वयं कुल 28 ग्रुप तैयार करती हैं । जिसमें 15 प्राइमरी और 13 सब – ग्रुप होते हैं । इनके अलावा यूजर स्वयं के ग्रुप भी तैयार कर सकता हैं ।

Ledger Creations

Gateway of Tally ⇨ Accounts Info ⇨ Ledger ⇨ Create

Sr no. LEDGER UNDER GROUP
1 CAPITAL CAPITAL ACCOUNTS
2 DRAWINGS CAPITAL ACCOUNTS
3 FURNITURE & FIXTURE FIXED ASSETS
4 PLANT & MACHINERY FIXED ASSETS
5 LAND & BUILDING FIXED ASSETS
6 COOLAR FIXED ASSETS
7 MOTOR CAR FIXED ASSETS
8 CASH CASH-IN-HAND
9 PETTY CASH CASH-IN-HAND
10 ANY BANK ( Dr.) BANK ACCOUNTS
11 ANY BANK (Cr.) BANK OVERDRAFT
12 SALARY EXP INDIRECT EXPENSES
13 ELECTRISITY EXP INDIRECT EXPENSES
14 ADVERTISMENT EXP INDIRECT EXPENSES
15 WATER BILL INDIRECT EXPENSES
16 TELEPHONE BILL INDIRECT EXPENSES
17 DISCOUNT ALLOWED INDIRECT EXPENSES
18 INTEREST PAID INDIRECT EXPENSES
19 REPAIRS & MAINTAINS EXP INDIRECT EXPENSES
20 RENT EXP INDIRECT EXPENSES
21 PRINTING & STATIONERY EXP INDIRECT EXPENSES
22 CONVEYANCE EXP INDIRECT EXPENSES
23 DEPRECIATION EXP INDIRECT EXPENSES
24 WAGES EXP DIRECT EXPENSES
25 CARRIAGE INWARD EXP DIRECT EXPENSES
26 FREIGHT EXP DIRECT EXPENSES
27 INTEREST RECEIVED INDIRECT INCOME
28 COMMISSION RECEIVED INDIRECT INCOME
29 DISCOUNT RECEIVED INDIRECT INCOME
30 SALARY RECEIVED INDIRECT INCOME
31 OUTSTANDING RENT CURRENT LIABILITIES
32 OUTSTANDING SALARY CURRENT LIABILITIES
33 PURCHASE PURCHASE ACCOUNTS
34 PURCHASE RETURN PURCHASE ACCOUNTS
35 SALES SALES ACCOUNTS
36 SALES RETURN SALES ACCOUNTS
37 ANY PARTY PURCHASE SUNDRY CREDITORS
38 ANY PARTY SALES SUNDRY DEBTORS
39 SHARE / DEBENTURE INVESTMENT
40 LOAN FROM BANK SECURED LOAN
41 LOAN FROM PERSON’S UNSECURED LOAN
42 INPUT VAT DUTIES & TAXES
43 SERVICE TAX DUTIES & TAXES
44 TDS DUTIES & TAXES
45 TCS DUTIES & TAXES
46 OUTPUT VAT DUTIES & TAXES
47 EXCISE DUTY DUTIES & TAXES

एकाउंटिंग वाउचर

कोन्टरा वाउचर ( Contra Voucher ( F4 ) ) – कोन्टरा वाउचर का प्रयोग फंड ट्रांसफर करने के लिए किया जाता हैं । कोन्टरा वाउचर में कैश व बैंक के मध्य हुई लेन – देनों को रिकॉर्ड किया जाता हैं । इसलिये इसमें केवल कैश व बैंक से सम्बंधित लेजर्स ही प्रदर्शित होते हैं ।

1 . Amount Deposited into Bank
Bank A/c Dr.
  ToCash A/c
2 . Cash Withdrawal from Bank
Cash A/c Dr.
  To Bank A/c

पेमेन्ट वाउचर ( Payment Voucher ( F5 ) ) – सभी प्रकार के भुगतान चाहे वह कैश या बैंक के माध्यम से हों , पेमेन्ट वाउचर में ही रिकोर्ड किये जाते हैं । सामान्य रुप से पेमेन्ट वाउचर का प्रयोग तब किया जाता हैं , जब कोई खर्चा होता हैं , माल या सामान खरीदते हैं , लेनदारों को चुकाते हैं ।

1 . Amount Paid to Suppliers
Suppliers A/c Dr.
  ToCash / Bank A/c
2 . Expenses paid
Expenses A/c Dr.
  To Cash / Bank A/c

रिसीप्ट वाउचर ( Receipt Voucher ( F6 ) ) – सभी प्रकार के नकद प्राप्ति चाहे वह कैश या बैंक के माध्यम से हों , रिसीप्ट वाउचर में ही रिकोर्ड किये जाते हैं । सामान्य रुप से रिसीप्ट वाउचर का प्रयोग तब किया जाता हैं , जब आय होती हैं , माल या सामान नकद में बेचते हैं , देनदारों से प्राप्ति होती हैं ।

1 . Amount Received from Customers
Cash / Bank A/c Dr.
  To Customers A/c

जर्नल वाउचर ( Journal Voucher ( F7 ) ) – जर्नल वाउचर एक एडजेस्टमेंट वाउचर हैं , दो या दो से । अधिक खातों के बीच की एडजेस्टमेंट को रिकोर्ड करने के लिए जर्नल वाउचर का प्रयोग किया जाता हैं ।

Sales Return / Purchase Return
Credit Assets Purchase / Sales
Drawings / Donation / Charity as Goods
Goods Distribution as Free Sample
Loss by fire / Loss by theft
Any Adjustment Entry

सेल्स वाउचर ( Sales Voucher ( F8 ) ) – सभी प्रकार की सेल्स लेन – देन चाहे वह नकद या उधार हों , उन्हें सेल्स वाउचर में रिकोर्ड किया जाता हैं । यहाँ सेल्स या सेल्स वाउचर का सम्बंध केवल माल के बेचने से हैं ।

Customers / Cash Bank A/c Dr.
  To Sales A/c

परचेज वाउचर ( Purchase Voucher ( F9 ) ) – सभी प्रकार की क्रय लेन – देन चाहे वह नकद या उधार हों , उन्हें परचेज वाउचर में रिकोर्ड किया जाता हैं । यहाँ परचेज या परचेज वाउचर का सम्बंध केवल माल से हैं ।

Purchase A/c Dr.
  To Customers / Cash / Bank Ac

क्रेडिट नोट वाउचर ( Credit Note Voucher ) – क्रेडिट नोट वाउचर सामान्यतः वाउचर एन्ट्री स्क्रीन के दौरान दिखाई नहीं देता हैं । इसे सक्रिय करने के लिए F11 कुंजी दबाकर Use Debit / Credit Notes ऑप्शन को यस करना होता हैं । क्रेडिट नोट वाउचर का प्रयोग ग्राहक के एकांउट को क्रेडिट करने के लिए करते हैं । दूसरे शब्दों में क्रेडिट नोट वाउचर का प्रयोग सेल्स रिटर्न ( जब बेचा हुआ माल वापस आता हैं ) को रिकोर्ड करने के लिए करते हैं । इसके अलावा माल की कीमत में पाए गए अंतर , छूट आदि को सैट करने के लिए भी किया जाता हैं । इस वाउचर का प्रयोग करने के लिए Crtl + F8 कुंजी का प्रयोग करें । इस वाउचर में एन्ट्री निम्न प्रकार होगी –

Particulars Debit Credit
To : Customer ‘ s Ledger / Cash / Bank   Amount
By : Sales Return / Discount Amount  

डेबिट नोट वाउचर ( Debit Note Voucher ) – डेबिट नोट वाउचर का प्रयोग सप्लायर के एकांउट को डेबिट करने के लिए करते हैं । दूसरे शब्दों में डेबिट नोट वाउचर का प्रयोग परचेज रिटर्न ( जब खरीदा हुआ माल वापस भेजा जाता हैं ) को रिकोर्ड करने के लिए करते हैं । इसके अलावा माल की कीमत में पाए गए अंतर कमी , छूट आदि को सैट करने के लिए भी किया जाता हैं । इस वाउचर का प्रयोग करने के लिए Ctrl + F9 कुंजी का प्रयोग करें । इस वाउचर में एन्ट्री निम्न प्रकार होगी ।

Particulars Debit Credit
To : Customer ‘ s Ledger / Cash / Bank   Amount
By : Sales Return / Discount Amount  

नोन एकाउंटिग वाउचर ( Non Accounting Voucher )

मेमो वाउचर ( Memo Voucher ) – यह एक नॉन एकाउंटिग वाउचर हैं । इसका प्रयोग याददाश्त रिकोर्ड के लिए करते हैं क्योंकि इस वाउचर में की गई एंट्रीज बुक ऑफ एकांउटस में रिकोर्ड नहीं होती और न ही ये किसी एकाउटिंग स्टेटमेंट को प्रभावित करती हैं । मेमो वाउचर के लिए Ctrl + F10 कुंजी का प्रयोग करें ।

ऑप्शनल वाउचर ( Optional Voucher ) – ऑप्शनल वाउचर मेमो वाउचर से भिन्न होता हैं मेमो वाउचर अन्य एकॉउटिग वाउचर की तरह एक वास्तविक वाउचर है , जबकि ऑप्शनल वाउचर वास्तविक वाउचर नहीं है । किसी भी एकांउटिग वाउचर को ऑप्शनल वाउचर बनाया जाता हैं । एकाउंटिग वाउचर को ऑप्शनल वाउचर बनाने के लिए ( Ctrl + L ) कुंजी का प्रयोग करें ।

पोस्ट डेटेड वाउचर ( Post Dated Voucher ) – पोस्ट डेटेड वाउचर ऑप्शनल वाउचर की तरह ही होता हैं । किसी भी एकाउंटिग वाउचर को पोस्ट डेटेड वाउचर में बदला जा सकता हैं । इसके लिए Ctrl + T कुंजी का प्रयोग करें ।

रिवर्सिग जर्नल वाउचर ( Reversing Journal Voucher ) – यह एक विशेष प्रकार का जर्नल वाउचर होता हैं , जो एक निश्चित अवधि के बाद स्वतः ही जर्नल वाउचर के समान हो जाता हैं । यह वाउचर दी गई अवधि ( Applicable upto ) तक नॉन एकाउंटिग वाउचर रहता हैं , उसके बाद यह जर्नल वाउचर के समान कार्य करता हैं । रिवर्सिग जर्नल वाउचर , मेमो वाउचर की तरह एक वास्तविक वाउचर हैं । इसका प्रयोग करने के लिए F10 कुंजी का प्रयोग करें ।

चालान ( Challan ) – चालान का अर्थ उस डॉक्यूमेंट से हैं , जिसमें केवल स्टॉक को शामिल किया जाता हैं । इसका प्रयोग माल प्राप्ति या भेजने के लिए किया जाता हैं ।

डिलीवरी नोट वाउचर ( Delivery Note Voucher ) – डिलीवरी नोट चालान एक इन्वेंट्री वाउचर हैं , जो केवल स्टॉक को प्रभावित करता हैं । डिलीवरी नोट वाउचर या चालान का प्रयोग विक्रेता द्वारा तब किया जाता हैं , जब वह क्रेता को माल की डिलीवरी देता हैं । डिलीवरी नोट वाउचर या चालान का प्रयोग करने के लिए Alt + F8 कुंजी का प्रयोग करें ।

रिसीप्ट नोट वाउचर ( Delivery Note Voucher ) – रिसीप्ट नोट चालान एक इन्वेंट्री वाउचर हैं , जो केवल स्टॉक को प्रभावित करता हैं । रिसीप्ट नोट वाउचर या चालान का प्रयोग क्रेता द्वारा तब किया जाता हैं , जब वह विक्रेता को माल की प्राप्ति करता हैं । रिसीप्ट नोट वाउचर या चालान का प्रयोग करने के लिए Alt + F9 कुंजी का प्रयोग करें ।

रिजेक्शन इन चालान ( Delivery Note Voucher ) – रिजेक्शन इन चालान एक इन्वेंट्री वाउचर हैं , जो केवल स्टॉक को प्रभावित करता हैं । रिजेक्शन इन वाउचर या चालान का प्रयोग तब किया जाता हैं , जब बेचा हुआ माल वापस आती हैं । रिजेक्शन इन वाउचर या चालान का प्रयोग करने के लिए Ctrl + F6 कुंजी का प्रयोग करें ।

रिजेक्शन आउट चालान ( Delivery Note Voucher ) – रिजेक्शन आउट चालान एक इन्वेंट्री वाउचर हैं , जो केवल स्टॉक को प्रभावित करता हैं । इस वाउचर का प्रयोग परचेज रिटर्न ( जब खरीदे गए माल को वापस लौटाया जाता हैं ) के लिए किया जाता हैं । इसका प्रयोग करने के लिए Alt + F6 कुंजी का प्रयोग करें ।

 
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